India
विशाखापत्तनम बंदरगाह नेपाल के लिए अधिक लाभकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पड़ोसियों के साथ मेलजोल (नेबरहुड कनेक्टिविटी) की नीति के एक हिस्से के रूप में भारत ने 2016 में नेपाल को तीसरे देश के साथ व्यापार के लिए आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम बंदरगाह का प्रयोग करने की इजाजत दे दी। नेपाल लंबे समय...

De-mon — huge, successful course-correction

Of all the multidimensional corrective elements that were missed — actually, side-stepped if not suppressed — in the politically uproarious anti-Modi national discourse about the demonetization exercise, the most important element was the huge...

नैतिकता की पट्टी खोलकर राजनीति को समझें

भारतीय राजनीति की दुनिया जटिल है। यदि इसे सही और गलत की दृष्टि से देखा जाए तो गलतियों की गुंजाइश ही नहीं होगी बल्कि इसे समझने में बड़ी भूल होना भी तय है। जिसे हम युगों से सच समझते आ रहे हैं, जब वह भी भ्रम से परे नहीं होता तो यह मानना नासमझी ही होगी...

China’s First Overseas Military Base in Djibouti

Introduction In the recent years, as part of national defense policy, China has expanded its military ties across the African continent. On 11 July, 2017, two Chinese Navy warships left the port of Zhanjiang with military personnel on the journey...

Developing Nodes of Excellence on China

Introduction India does not have clear perceptions of China and our thinking is based on the 1962 War and also from opinions of research findings of other countries. Thus despite all efforts, China remains an enigma with regards to its behaviour in...

Interview on Doklam Issue

Amb Ashok Kantha, Distinguished Fellow at the VIF and Director of The Institute of Chinese Studies, Delhi, offered his expert views on the current Doklam stand-off during an interview to The Hindu. Readers would find this insightful analysis rather...

भारत और एससीओ अस्ताना सम्मेलन और उसके बाद

शांघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में 2005 से ही पर्यवेक्षक की भूमिका निभा रहे भारत को जून में आयोजित अस्ताना शिखर सम्मेलन के दौरान आखिरकार इस बहुपक्षीय समूह में जगह मिल ही गई। भारत ने एससीओ में शामिल होने के बाद सामने आने वाले अवसरों और चुनौतियों पर पूरी...

म्यांमार शांति प्रक्रिया: अभी मंजिल बहुत दूर!

ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी पांगलोंग सम्मेलन का दूसरा सत्र एक दिन के विस्तार के बाद 29 मई को संपन्न हुआ। पिछले वर्ष अगस्त में दॉ आंग सान सू ची के नेतृत्व में संपन्न हुए सम्मेलन के पहले सत्र में सभी प्रतिद्वंद्वी समूहों को एक साथ वार्ता के लिए मनाने का...

Belt and Road Initiative: Implications for Central Asia

The Belt and Road Forum (BRF) sought attention of the international community and made headlines everywhere in mid-May. The event was organized by China in Beijing on 14-15 May 2017 with the purpose of promoting its ambitious project called the Belt...

धर्मनिरपेक्षों ने भरोसा गंवाया है, धर्मनिरपेक्षता सलामत है

राष्ट्रपति चुनाव निकट हैं और तिनकों की तरह बिखरे विपक्षी दल एकजुट होने और इस पद के लिए संयुक्त प्रत्याशी तय करने की कोशिश कर रहे हैं। अभी तक बीजू जनता दल, ऑल इंडिया अन्नाद्रमुक और तेलंगाना राष्ट्र समिति के अलावा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से...

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